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1 जनवरी से बरेली-बदायूं, 15 फरवरी से कासगंज-बदायूं के मध्य बंद होगा रेल संचालन

Kasganj (KSJ) कासगंज: ब्रॉडगेज मार्ग के लिए कासगंज-बरेली के मध्य कछला ब्रिज पर किए जा रहे कार्य के दौरान हुए हादसे की जांच रेल विभाग द्वारा की जा रही हो, लेकिन इस हादसे का प्रभाव आमान परिवर्तन के कार्य पर नहीं पड़ेगा। एक जनवरी से बरेली-बदायूं से तो 15 फरवरी से कासगंज से बदायूं के मध्य रेलगाडि़यों का संचालन बंद हो जाएगा। रेलवे ने पुल-पुलिया बनाने का काम तेज किया है। ब्रॉडगेज बिछाने का कार्य भी चल रहा है।

कासगंज-बरेली ब्रॉडगेज रेल मार्ग के लिए रेल मार्ग जनवरी माह से बंद होगा। वह भी बदायूं एवं बरेली के मध्य प्रथम चरण में कार्य होगा। उसके बाद 15 फरवरी से द्वितीय चरण में कासगंज-बदायूं के बीच कार्य पूरा होगा। संभावना है कि जून माह में कासगंज-बरेली के बीच ब्राडगेज पर ट्रेन दौड़ने लगेगी और उस समय यह सपना साकार हो जाएगा तो दक्षिण तक पहाड़ का सीधा कनेक्शन हो जाएगा। यहां बता दें कि बीते तीन दिन पूर्व कछला रेल पुल पर हुए हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी और दो दर्जन लोग घायल हुए थे। लोग अंदाजा लगा रहे थे कि इस हादसे से आमान परिवर्तन के कार्य पर प्रभाव पड़ेगा। लेकिन ऐसा नहीं होगा। क्योंकि रेलवे बोर्ड 84 किलोमीटर के ब्राडगेज को नवंबर तक जमीन पर उतारने के लिए बजट दे चुका था। लेकिन कछला पुल पर पूर्व में ही एक पिलर गलत बन जाने से और तीन गलत गार्डर बनने से कार्य रूक गया था। कासगंज-बरेली रेल मार्ग को ब्राडगेज करने के 235 करोड़ के प्रोजेक्ट को रेल बजट 2013-14 में इज्जतनगर रेल मंडल के कासगंज-बरेली मीटरगेज से ब्राडगेज में परिवर्तित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। इज्जतनगर मंडल के जन संपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि कार्य पर हादसे का कोई प्रभाव नहीं होगा। कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। निर्धारित तिथियों में रेल ट्रैक बंद रहेगा।

इज्जतनगर रेल मंडल की और बढ़ेगी इज्जत

Izzatnagar (IZN) इज्जतनगर:  इज्जतनगर रेल मंडल के नाम एक और नगीना जुड़ने जा रहा है। सीबीगंज की बंद स्लीपर फैक्ट्री की जमीन पर डेमू मेंटीनेंस वर्कशॉप का ख्वाब जल्द हकीकत में बदलेगा। इसके लिए 37.39 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड ने हरी झंडी दी है, तो वहीं डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को पांच लाख रुपये मिले हैं। इससे रेल बजट 2014-15 में एलान के साथ ही निर्माण को राशि मिलना तय है।

बरेली जिले के सीबीगंज में रेलवे की 2005 में बंद स्लीपर फैक्ट्री की खाली पड़ी जमीन पर डीजल/इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डेमू) मेंटीनेंस वर्कशॉप बनाने का फैसला लिया था। जिसके चलते रेलवे बोर्ड को 37.39 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। बोर्ड ने पिछले सप्ताह इस प्रस्ताव को हरी झंडी देकर जनवरी तक डीपीआर मांगी है। डीपीआर को पांच लाख रुपये मिलने के बाद डीआरएम चंद्र मोहन जिंदल ने सीनियर कैरिज एंड वैगन, सीनियर डीईएन, एओएम समेत प्रमुख अफसरों को यह जिम्मेदारी सौंपी। इस पर डीपीआर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। डीआरएम चंद्र मोहन जिंदल का कहना है कि डेमू मेंटीनेंस वर्कशॉप प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। डीपीआर को पांच लाख रुपये मिलने के बाद इसे बनाने का जिम्मा अफसरों सौंपा है। अब रेल बजट में निर्माण को राशि मिलने की उम्मीद है।

डीजल शेड-वर्कशॉप शान

रेल मंडल में डीजल शेड और कैरिज एंड वैगन वर्कशॉप पहले से ही है। डीजल शेड में मीटरगेज के साथ-साथ ब्राडगेज इंजन का भी कार्य शुरू हो गया है, तो वहीं वर्कशॉप के नाम पर भी कई उपलब्धि जुड़ी हैं।

रुहेलखंड में दौड़ेंगी डेमू ट्रेन

मेट्रो की तर्ज पर रुहेलखंड के ट्रैकों पर सात-आठ कोच वाली डेमू ट्रेन जल्द चलेंगी। इसीलिए पूर्वोत्तर रेलवे में पहली डेमू मेंटीनेंस वर्कशॉप का निर्माण सीबीगंज में होगा। वर्तमान में डेमू ट्रेन आगरा-मथुरा, वृंदावन-मथुरा ट्रैक पर चल रही हैं।

ख्वाब अधूरा

कोच कारखाने की लंबे समय तक मांग रही। इसके लिए जमीन फाइनल होने के बाद प्रस्ताव मांगा गया था। मगर अचानक पंजाब के कपूरथला में यह बनाने का फैसला हो गया। इसका मलाल बरेली को आज भी है।

एक पीएनआर पर दो जगह बर्थ

Lucknow New (LJN) लखनऊ: पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की कार्य प्रणाली भी निराली है। आरक्षित बुकिंग काउंटर के बाहर टिकट दलालों की सेंधमारी है, तो अंदर विभाग के संबंधित लोगों में कोटे के नाम पर लापरवाही। लंबी दूरी की गाड़ियों में एक-एक बर्थ के लिए मारामारी है। पूर्वोत्तर रेलवे में तो एक पीएनआर पर एक ही कोच में दो जगह बर्थ आरक्षित हो जा रहे हैं।

गोरखपुर में 15 दिसंबर को ही हेडक्वार्टर आफिस कोटे से एक सांसद के पीएनआर नंबर पर दो जगह बर्थ आरक्षित हो गई। जानकारी होने पर सांसद भी परेशान हो उठे। मौके से ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद हड़कंप मच गया। मामले की छानबीन चल रही है।

बरौनी से नई दिल्ली जाने वाली 12553 वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस से आधा दर्जन सांसद 15 दिसंबर को दिल्ली गए। इसमें कमांडो कमल किशोर, जगदंबिका पाल, हर्षवर्धन सिंह आदि मौजूद थे। कमल किशोर ने टिकट आरक्षित कराने को गोरखपुर व बरौनी हेडक्वार्टर कोटे से निवेदन किया था। बरौनी हेडक्वार्टर कोटे से गोरखपुर से नई दिल्ली के लिए पीएनआर नंबर 6621465298 पर कोच ए वन के केबिन में उनका और उनके साथ चलने वाले की बर्थ कंफर्म हो गई, लेकिन, उसी पीएनआर नंबर पर गोरखपुर हेडक्वार्टर कोटे से भी बर्थ आरक्षित हो गई। पर यहां से उनका बर्थ कूपे ई में आरक्षित हुआ।

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संबंधित विभाग ने भी यह जानने की कोशिश नहीं की कि जब केबिन में पहले से ही बर्थ आरक्षित है तो कूपे में क्यों आरक्षण उपलब्ध करा रहे हैं। बड़ी बात यह है कि चार्ट निकलते समय भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। गाड़ी पर चार्ट भी चिपक गया। रास्ते में मामले का खुलासा हुआ। कहां से गलती हुई है, इसके लिए जिम्मेदार कौन है? की जांच शुरू हो गई है।

सीपीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे आलोक कुमार सिंह ने बताया कि अगर ऐसा है तो मामला गंभीर है। तकनीकी खामी के चलते ही इस तरह की चूक हो सकती है। इस प्रकरण को क्रिस के सामने रखा जाएगा।

खेलते हुए ट्रेन में चढे़, बाराबंकी पहुंचे बच्चे

Barabanki Jn (BBK), Lucknow Division, Northern Railway बाराबंकी। आनंद विहार एक्सप्रेस ट्रेन में मंगलवार की शाम तीन बच्चे लावारिस दशा में मिले। स्टेशन पर यात्रियों ने तीनों बच्चों को जीआरपी के सुपुर्द कर दिया है। बच्चे अपना पता दिल्ली का बता रहे हैं। दिल्ली से बिहार जा रही आनंद विहार एक्सप्रेस ट्रेन में मंगलवार की शाम करीब छह बजे बाराबंकी जंक्शन पर तीन बच्चे दिखाई दिए। शक होने पर स्टेशन पर मौजूद यात्री रणधीर सिंह व कामरान ने तीनों बच्चों को जीआरपी के सुपुर्द कर दिया। थानाध्यक्ष गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों ने अपना नाम करन (5) पुत्र संजय, अर्जुन (8) पुत्र राजू सिंह व अंकित (10) पुत्र राम प्रकाश बताया है। तीनों खुद को दिल्ली के तुगलपुरा में अंसल मार्ट के पीछे एक बस्ती का निवासी बता रहे हैं। तीनों ने बताया कि इनके पिता मजदूरी करते हैं और वे खेलते हुए ट्रेन में चढ़ गए थे। इसी बीच ट्रेन चल दी जिससे वह यहां पर पहुंच गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्चों की सुपुर्दगी के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से बात की जा रही है। बच्चों को उन्हें सौंपा जाएगा।

न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन की सुरक्षा बढ़ी

New Jalpaiguri (NJPS), Katihar Division, NFR न्यू जलपाईगुड़ी: न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्केनर लगा दिया गया है. हालांकि मशीन अभी चालू नहीं हुई है. बहुत जल्द ही चालू कर दी जायेगी. रेलवे  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा के मद्देनजर स्टेशनों के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्टेशन मशीन लगायी जा रही है. रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मशीन चालू होने के बाद सभी यात्रियों की समानों की जांच स्केनर मशिन के अंदर डाल कर की जायेगी. की बैग के अंदर किसी प्रकार का विस्फोटक या अग यास्त्र तो नहीं है. मौके पर आरपीएफ व जीआरपी के जवान मौजूद रहेंगे. इस व्यवस्था से स्टेशन व ट्रनों की सुरक्षा में बहुत ही मदद मिलेगी. इस संबंध में एनजेपी रेलवे के एरिया मैनेजर पार्थ सारथी शील ने कहा कि स्केनर अभी शुरू नहीं हुआ है बहुत जल्द ही शुरू हो पाये.उन्होंने कहा कि स्टेशन व ट्रनों की सुरक्षा के मद्देनजर स्केनर लगाया गया हैं.

मंधना से पनकी तक नए ट्रैक की सर्वे रिपोर्ट बोर्ड को

Kanpur Central (CNB) कानपुर: मंधना से पनकी तक नया ट्रैक बिछाने पर आने वाले खर्च समेत अन्य ब्योरा तैयार करके रेलवे अधिकारियों ने रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट सौंप दी है। अब बोर्ड को फैसला लेना है कि ये नया ट्रैक बिछेगा या नहीं।

वर्ष 2000 में भी मंधना से पनकी के मध्य नया ट्रैक बिछाने के लिए सर्वे किया गया था। इस वर्ष 2012 में भी दो बार सर्वे किया गया है जिसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपी गई है। वर्ष 2000 में सर्वे में इस नए ट्रैक को बिछाने में 67.9 करोड़ रुपया खर्च आंका गया था जो वर्ष 2013 में बढ़कर 232 करोड़ रुपये हो गया है। फर्रुखाबाद रेल मार्ग पर सेंट्रल स्टेशन से मात्र 18 किमी की दूरी पर स्थित मंधना स्टेशन से पनकी की ओर ट्रैक को मोड़कर दिल्ली हावड़ा मुख्य रेल मार्ग में मिलाने की योजना है। ऐसा होने पर मंधना से अनवरगंज तक रेलवे ट्रैक हटने की संभावनाएं प्रबल हो जाएंगी और जीटी रोड, कालपी रोड के अलावा गुमटी नंबर समेत कई प्रमुख बाजारों व लिंक मार्गो को जाम से निजात मिल जाएगी।

रेलवे की सर्वे रिपोर्ट

  • कुल रेलवे क्रासिंग 20
  • रेलवे क्रासिंग बंद हो चुकी 2
  • वर्तमान में कुल क्रासिंग 18
  • अनवरगंज से रावतपुर 5 किमी।
  • अनवरगंज से कल्याणपुर 10 किमी।
  • अनवरगंज से मंधना 18 किमी।
  • वर्ष 2000 में खर्च 67.9 करोड़।
  • वर्ष 2012 में खर्च 232 करोड़।
  • जमीन चाहिए 111 हेक्टेयर।

जमीन पर खर्च आंका

  • वर्ष 2000 में 9 करोड़ 55 लाख 57 हजार 437 रुपया
  • वर्ष 2012 में 122 करोड़ 40 लाख 97 हजार 134 रुपया

इंजीनियरिंग पर खर्च आंका

  • वर्ष 2000 में 18 करोड़ 85 लाख 40 हजार 581 रुपया
  • वर्ष 2012 में 29 करोड़ 36 लाख 20 हजार 188 रुपया

अन्य खर्च आंका

  • वर्ष 2000 में 1 लाख 62 हजार
  • वर्ष 2012 में 1 लाख 80 हजार

22 छोटे स्टेशनों पर बिछेगा ट्रैक

Kanpur Central (CNB), Allahabad Jn, NCR कानपुर: 120 वैगन वाली मालगाड़ियां (लांगहाल) रेलवे अधिकारियों के लिए मुसीबत बन गई हैं। इस समस्या से निपटने के लिए दिल्ली हावड़ा रूट के 22 छोटे रेलवे स्टेशनों पर 1500 मीटर लंबा ट्रैक बिछाने का कार्य अगले माह आरंभ हो जाएगा। रेल अधिकारियों ने सर्वे करके अपनी रिपोर्ट और खाका पूरी तरह तैयार कर लिया है।

रेलवे ने मालगाड़ियों की संख्या कम करने के लिए ही लांगहाल मालगाड़ी चलाने का फार्मूला अपनाया है। इस फार्मूले में दो मालगाड़ियां जोड़ दी जाती हैं। इसमें दोनों मालगाड़ी का इंजन नहीं हटाते, बल्कि दोनों इंजन मालगाड़ी को ले जाते हैं। इसमें एक इंजन आगे और दूसरा बीच में लगाया जाता है। समस्या यह है कि 120 वैगन वाली इस मालगाड़ी को जब चलाया जाता है तो किसी स्टेशन पर इतना लंबा अतिरिक्त ट्रैक नहीं है कि वहां इसे रोका जा सके। ऐसे में अन्य ट्रेनें प्रभावित होती हैं। सूत्रों के मुताबिक उत्तर मध्य जोन में आने वाले दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर अतिरिक्त ट्रैक बिछाने को अंबियापुर, इकदिल, भदान समेत 22 छोटे स्टेशनों को चुना गया है। वर्तमान में हालत ये है कि जब इस मालगाड़ी को चलाया जाता है तो रेलवे अधिकारी इसे रोकने व पीछे आ रहीं ट्रेनों को निकालने को लेकर परेशान रहते हैं। फर्रुखाबाद या लखनऊ रेल मार्ग पर ट्रेनों की संख्या इतनी नहीं है लेकिन दिल्ली हावड़ा रूट पर एक के पीछे एक ट्रेन दौड़ रही हैं। इस संबंध में उत्तर मध्य जोन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नवीन बाबू ने बताया कि दिल्ली हावड़ा रूट पर जल्द ही ट्रैक बिछाया जाएगा, जिससे ट्रेनों के संचालन में बाधा न हो।

वैशाली साढ़े छह घंटे, गोरखधाम आठ घंटे देर से आई

Gorakhpur Jn (GKP) गोरखपुर। ठंड के साथ-साथ कोहरे का भी असर बढ़ने लगा है। बढ़ते कोहरे ने जहां लोगों के जन-जीवन पर असर डाला है, वहीं ट्रेनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा है। मंगलवार को कानपुर और लखनऊ के बीच घने कोहरे की वजह से दिल्ली से आने वाली महत्वपूर्ण सुपरफास्ट ट्रेनों की रफ्तार प्रभावित हुई। इसके चलते कई ट्रेनें लेट हुईं।

वैशाली एक्सप्रेस जिसके गोरखपुर पहुंचने का समय सुबह 9 बजे है, वह साढ़े तीन बजे शाम को पहुंची। गोरखधाम एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से आठ घंटे की देरी से गोरखपुर पहुंची। इससे यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। इसके अलावा इसी रूट से आने वाली मथुरा-छपरा एक्सप्रेस सवा पांच बजे शाम को आई। इसके आने का समय दोपहर डेढ़ बजे है। सत्याग्रह एक्सप्रेस सवा दस बजे की जगह बारह बजे आई जबकि एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस शाम पांच बजकर 10 मिनट की जगह साढ़े सात बजे गोरखपुर पहुंची। कोहरे से ट्रेनों के इस कदर लेट होने से रेल विभाग के आधुनिक फॉग डिवाइस से ट्रेनों के संचलन को सामान्य रखने का दावा फेल होता नजर आ रहा है।

कोहरे का कहर, ट्रेनें आठ घंटे तक लेट

Faizabad Jn (FD), Lucknow Division, Northern Railway फैजाबाद। ठंड व कोहरे के चलते रेल की सवारी यात्रियों पर भारी है। संचालन व्यवस्था पटरी से उतर गई लगती है। कोहरे ने पहियों के तेज रफ्तार से चलने पर अंकुश लगा दिया है। सुदूर प्रदेशों की यात्रा करने वाले बेबस यात्री खासे परेशान हैं। यात्रा होगी या नहीं, ट्रेन आयेगी या निरस्त होेगी, यह यात्रियों के दिमाग को कचोटने लगा है। सोमवार को सभी गाड़ियां विलंब से रवाना हुईं। फैजाबाद पहुंचने वाली कोटा पटना एक्सप्रेस आठ घंटे तक लेट हो चुकी थी, जबकि दिल्ली से चलकर पश्चिम बंगाल के मालदा जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस के छह घंटे बाद आने की संभावना थी। दिल्ली से आजमगढ़ के बीच दौड़ रही कैफियात एक्सप्रेस पांच घंटे बाद आजमगढ़ की ओर रवाना हुई।

देश की राजधानी दिल्ली से कहीं अधिक दूर का सफर तय करने वाली ट्रेनें तीन-चार घंटे विलंब से पहुंच रही हैं। सबसे खराब हालत दिल्ली से पहुंचने वाली ट्रेनों की है। ट्रेन के एक लोको पायलट का कहना था कि ट्रेनों के संचालन में ठंड नहीं, कोहरा सबसे ज्यादा बाधक बना है।

सुबह कोहरे के कारण इंजन के आगे दो फिट भी नहीं दिखाई दे रहा है। कलर लाइटें भी पास पहुंचने पर दिखाई देती हैं। ऐसी दशा में एक्सप्रेस ट्रेनों को 30 किमी प्रतिघंटा की गति से भी चला पाना जोखिम भरा हो गया है।

टूटा मिला रेलवे ट्रैक

Jajpur Keonjhar Road (JJKR) Khurda Division, ECOR झझारपुर : सकरी-निर्मली-लौकहा रेलखंड जर्जरावस्था के चरम पर है। गुरुवार को स्थानीय रेलवे जंक्शन के ट्रैक नं.4 की पटरी 2 से तीन फीट में दो जगह टूटी पाई गई। अगर अपसाईड काटा वाला कर्मी शिव कुमार महतो सतर्क नहीं होता तो वहां शंटिंग कर रहा इंजन दुर्घटनाग्रस्त हो जाता। गुरुवार सुबह करीब सात बजे इंजन चार नं. लाईन से होकर ही पाच नं. लाईन पर जाने वाला था। अपसाईड काटा कर्मी श्री महतो ने पैट बदला कि उसकी निगाह ट्रैक के टूटे स्थल पर चली गई। उसने तुरंत स्टेशन अधीक्षक, यातायात निरीक्षक सहित अन्य को फोन किया। आनन फानन में अभियंताओं की टीम आई और पटरी बदलने के प्रयास तेज किए गए। हालाकि इस घटना से रेल यातायात प्रभावित होने की जानकारी नहीं है। यहा यह बता दें बीते चार दिन पूर्व भी इसी जंक्शन के नवटोल गुमटी से पीछे शटिंग के दौरान ही एक इंजन के चार पहिये बेपटरी हो गए थे।

एडीआरएम/सोनपुर मंडल की अध्यक्षता में ओवरब्रिज निर्माण को बनवाने के लिए हुई बैठक

Muzaffarpur Jn (MFP) मुजफ्फरपुर, संसू : ओवरब्रिज निर्माण को लेकर सोनपुर मंडल के एडीआरएम पीएन झा की अध्यक्षता में गुरुवार को जंक्शन पर वीआइपी कक्ष में आम जनता संघर्ष मोर्चा व माड़ीपुर पुल निर्माण संघर्ष मोर्चा के नेताओं की बैठक हुई। नेताओं ने अधिकारियों के सामने क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज के निर्माण व वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा किया। पूर्व मंत्री हिन्द केसरी यादव व अन्य नेताओं और एडीआरएम के बीच घंटों बहसा-बहसी हुई।

इस दौरान रेलवे अधिकारी अप्रैल में ओवरब्रिज चालू कराने को कह रहे थे तो पूर्व मंत्री 20 दिसंबर को रेल ट्रैक जाम व अनशन करने पर डटे हुए थे। अन्य नेताओं ने भी पूर्व मंत्री की बातों का समर्थन किया। कुछ देर के लिए महौल गरम हो गया। सूचना मिलने पर डीएसपी दल-बल के साथ पहुंचे। नेताओं की मांग पर रेलवे अधिकारियों की एक नहीं चली। इसके बाद एडीआरएम ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए 1 जनवरी तक की मोहलत मांगी।

नेताओं ने मौखिक के बदले लिखित देने को कहा। इस पर एडीआरएम ने शाम पांच बजे लिखित देने की बात कही। नेतागण आश्वासन के लिए कक्ष में ही डटे रहे। शाम में एडीआरएम ने नेताओं को 1 जनवरी तक वैकल्पिक व्यवस्था के लिए लिखित आश्वासन पत्र सौंपा।

पूर्व मंत्री हिन्द केसरी यादव ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए आश्वासन मिला है। इसलिए शुक्रवार को अनशन व ट्रैक जाम का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। 1 जनवरी तक यातायात चालू नहीं होने पर आंदोलन तेज होगा। आम जनता संघर्ष मोर्चा के सचिव सुशील कुमार सिंह ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए एडीआरएम से आश्वासन मिला है। मौके पर सीनियर डीसीएम बीएनपी वर्मा, इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी सुबोध कुमार, आरपीएफ कमांडेंट मो. शाकिब, क्षेत्रीय अधिकारी जेपी त्रिवेदी, मोर्चा के संयोजक जमील अख्तर समेत दर्जनों नेता मौजूद थे।

अधिकारियों व नेताओं ने ओवरब्रिज का किया निरीक्षण

मुजफ्फरपुर : रेलवे अधिकारियों, डीएसपी व नेताओं ने गुरुवार को क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। दिनभर अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए ओवरब्रिज के कम से कम दस चक्कर लगाए। एडीआरएम ने कहा कि डीआरएम को सभी समस्याओं से अवगत कराया जाएगा।

हादसे में घायलों को मुआवजा दिलाने पर नहीं उठी आवाज

बैठक में नेता हादसे में घायलों को मुआवजे की मांग भूल गए। उसे दरकिनार कर अधिकारियों से केवल वैकल्पिक व्यवस्था की मांग करते रहे।

चिड़ैयाटांड की तर्ज पर बने ओवरब्रिज

मुजफ्फरपुर : माड़ीपुर पुल निर्माण संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने रेलवे अधिकारियों को चिड़ैयाटांड की तर्ज पर ओवरब्रिज बनाने के लिए एक नक्शा सौंपा। कहा कि चिड़ैयाटांड के पास जिस तरह अप व डाउन ओवरब्रिज बना है, उसी तर्ज पर इंजीनियर से नक्शा बनवाकर अधिकारियों को सौंपा गया है। नक्शे से बनने पर लोगों को दो रास्ते मिल जाएंगे।

ओवरब्रिज निर्माण को धरना

मुजफ्फरपुर : माड़ीपुर ओवरब्रिज निर्माण को लेकर बज्जिकांचल विकास पार्टी की ओर से गुरुवार को पूछताछ काउंटर के समीप एक दिवसीय धरना दिया गया। अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र राकेश ने कहा कि ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया। इसे बनवाने के लिए रेलवे व सरकार सुधि नहीं ले रही है। पहली जनवरी तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। मौके पर महासचिव जय नारायण साह, शत्रुघ्न तिवारी, राम नारायण राय, कुमर नाथ सिंह, उदय नारायण सिंह, सुरेश कुमार राय, सुनीता सोनी आदि थे।

ओवरब्रिज की बगल में बनेगी गुमटी

मुजफ्फरपुर : सोनपुर मंडल के अधिकारियों ने ओवरब्रिज की पूर्वी छोर पर रेलवे गुमटी बनाने की प्लानिंग की है। लेकिन, इसमें सीआरएस की मंजूरी अनिवार्य है। आदेश के बाद रेलवे गुमटी बन पाएगी। एडीआरएम ने कहा कि फिलहाल इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को ट्रैक के ऊपर सड़क बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने कहा गया है।

15 फरवरी से ठप हो जाएगी बढ़नी-बलरामपुर रेल सेवा

Gorakhpur Jn (GKP) गोरखपुर : पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल स्थित बढ़नी से गोंडा के बीच लगभग 108 किमी रेल खंड का आमान परिवर्तन कार्य तेज गति से चल रहा है। सीपीआरओ के अनुसार दो चरण में कार्य को पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 15 फरवरी से बढ़नी से बलरामपुर खंड पर रेल सेवा बंद होगी। दूसरे चरण में 15 अप्रैल से बलरामपुर से गोंडा खंड पर रेल सेवा बंद हो जाएगी। दोनों चरण के पूरा हो जाने के बाद इस रूट पर भी बड़ी लाइन पर एक्सप्रेस व मेल गाड़ियां फर्राटा भरने लगेंगी।

हाजीपुर जोन के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (यात्री सेवा) ने किया निरीक्षण

Bakhtiyarpur Jn (BKP), Danapur Division, ECR, बख्तियारपुर: मुख्य वाणिज्य प्रबंधक यात्री सेवा हाजीपुर जोन के संजीव शर्मा ने गुरुवार को बख्तियारपुर स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान दैनिक यात्री संघ के सदस्यों ने स्टेशन पर व्याप्त कुव्यवस्था की शिकायत की। लोगों ने बताया कि पूछताछ काउंटर पर लगा टेलीफोन वर्षो से खराब है। प्लेटफार्म संख्या तीन, चार व पांच पर एक भी शौचालय नहीं है। इस पर सीसीएम भड़क गए और कहा कि स्टेशन पर गंदगी लोग फैलाते हैं। इस पर यात्री संघ के सदस्य राम सागर राय ने कहा कि यहां की समस्याओं को अधिकारी नजरअंदाज कर देते हैं। इसकी शिकायत रेल मंत्रलय से करेंगे। बख्तियारपुर स्टेशन पर प्रतिदिन दो लाख रुपये आता है लेकिन यात्री सुविधा का अभाव है। निरीक्षण के मौके पर वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक अरविंद कुमार रजक समेत अधिकार मौजूद थे। 1महिला ने पाकेट मार को पकड़ पुलिस को सौंपा1बख्तियारपुर : बख्तियारपुर स्टेशन के पूछताछ काउंटर पर ट्रेन की जानकारी लेने पहुंची महिला यात्री की जेब से रुपये निकालते एक उचक्के को महिला ने रंगेहाथ दबोच कर पुलिस को सौंप दिया। रेल थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि पीड़िता हरनौत निवासी रूबी कुमारी ट्रेन की जानकारी ले रही थी। इसी दौरान नया टोला माधोपुर निवासी राजू कुमार उसके बैग से एक हजार रूपये निकाल भागने लगा। महिला ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया।1मोबाइल की हेराफेरी करते धराए छात्र 1फतुहा : पटना के निजी विद्यालय के नौ छात्र को पुलिस ने मोबाइल दुकान में हेराफेरी करते हुए पकड़ा। ये छात्र फतुहा स्टेशन रोड पर एक मोबाइल दुकान में मोबाइल खरीदने पहुंचे और हेराफेरी करने लगे। मोबाइल दुकानदार को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी। 1पुलिस मौके पर पहुंची और सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में पुलिस उन सभी के अभिभावकों को बुलाकर छात्रों को सौंप दिया।प्रतिनिधि, बख्तियारपुर : मुख्य वाणिज्य प्रबंधक यात्री सेवा हाजीपुर जोन के संजीव शर्मा ने गुरुवार को बख्तियारपुर स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान दैनिक यात्री संघ के सदस्यों ने स्टेशन पर व्याप्त कुव्यवस्था की शिकायत की। लोगों ने बताया कि पूछताछ काउंटर पर लगा टेलीफोन वर्षो से खराब है। प्लेटफार्म संख्या तीन, चार व पांच पर एक भी शौचालय नहीं है। इस पर सीसीएम भड़क गए और कहा कि स्टेशन पर गंदगी लोग फैलाते हैं। इस पर यात्री संघ के सदस्य राम सागर राय ने कहा कि यहां की समस्याओं को अधिकारी नजरअंदाज कर देते हैं। इसकी शिकायत रेल मंत्रलय से करेंगे। बख्तियारपुर स्टेशन पर प्रतिदिन दो लाख रुपये आता है लेकिन यात्री सुविधा का अभाव है। निरीक्षण के मौके पर वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक अरविंद कुमार रजक समेत अधिकार मौजूद थे। 1महिला ने पाकेट मार को पकड़ पुलिस को सौंपा1बख्तियारपुर : बख्तियारपुर स्टेशन के पूछताछ काउंटर पर ट्रेन की जानकारी लेने पहुंची महिला यात्री की जेब से रुपये निकालते एक उचक्के को महिला ने रंगेहाथ दबोच कर पुलिस को सौंप दिया। रेल थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि पीड़िता हरनौत निवासी रूबी कुमारी ट्रेन की जानकारी ले रही थी। इसी दौरान नया टोला माधोपुर निवासी राजू कुमार उसके बैग से एक हजार रूपये निकाल भागने लगा। महिला ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया।1मोबाइल की हेराफेरी करते धराए छात्र 1फतुहा : पटना के निजी विद्यालय के नौ छात्र को पुलिस ने मोबाइल दुकान में हेराफेरी करते हुए पकड़ा। ये छात्र फतुहा स्टेशन रोड पर एक मोबाइल दुकान में मोबाइल खरीदने पहुंचे और हेराफेरी करने लगे। मोबाइल दुकानदार को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी। 1पुलिस मौके पर पहुंची और सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में पुलिस उन सभी के अभिभावकों को बुलाकर छात्रों को सौंप दिया।स्टेशन परिसर का निरीक्षण करते सीसीएम

अब बनेगा अंडरब्रिज, जालंधर निगम देगा रेलवे को आठ करोड़

Jalandhar City (JUC) जालंधर: नार्थ हलके की मुख्य लंबित मांग बनी चंदन नगर आरयूबी (रेलवे अंडरब्रिज) के निर्माण के लिए सीपीएस केडी भंडारी के बाद मेयर सुनील ज्योति ने भी कमर कस ली है। प्रॉपर्टी टैक्स से हुई आय से करीब आठ करोड़ रुपये रेलवे को देने की योजना बनाई गई है, जबकि आरयूबी के शेष निर्माण के लिए करीब 15 करोड़ के लिए सरकार का दरवाजा खटखटाया जा रहा है।

सीपीएस केडी भंडारी के प्रयास से बीते सप्ताह सरकार द्वारा मिले फंड से आरयूबी के लिए 18.12 करोड़ की लागत से 1.49 करोड़ जमीन की खरीदारी की जा चुकी है। अब निर्माण के लिए करीब 23 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार है, जिसमें से करीब 8.64 करोड़ की लागत से रेलवे ट्रैक वाले हिस्से पर अंडरब्रिज का निर्माण रेलवे की इंजीनियरिंग शाखा ने करना है। इसके लिए निगम रेलवे को रकम का भुगतान करेगा, जिसका काम पूरा होने के बाद रेलवे दोनों ओर पीडब्ल्यूडी रैंप बनाने का काम करेगा। मेयर सुनील ज्योति ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स से करीब 18 करोड़ रुपये की आय हुई है, जिसमें से करीब पांच करोड़ रुपये ठेकेदारों को भुगतान किया गया है। शेष राशि में से आठ करोड़ रुपये रेलवे को देने की योजना है, ताकि रेलवे अपने हिस्से का निर्माण शुरू कर सके। अब जल्द दी रेलवे को रकम देकर निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। जबकि इस बीच सरकार से शेष 15 करोड़ की मांग कर आरयूबी का प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा।

दरभंगा जंकशन पर यात्रियों ने की तोड़फोड़

Darbhanga Jn (DBG) दरभंगाः सीतामढ़ी जानेवाली सवारी गाड़ी के विलंब होने से आक्रोशित रेल यात्रियों ने दरभंगा जंकशन पर तोड़फोड़ की. स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के शीशे तोड़ दिये. एसएस तथा आरपीएफ की पहल पर मामला शांत हुआ. जानकारी के अनुसार बुधवार की देर शाम सीतामढ़ी जानेवाली सवारी गाड़ी 55507 विलंब से दरभंगा जंकशन पहुंची. इसके बाद इसके ब्रेक (एसएलआर) को पीछे किये जाने के लिए इंजन आगे-पीछे दौड़ लगाने लगी. काफी लेट होने के कारण अंतत: यात्रियों का धैर्य टूट गया. सभी एएसएम कार्यालय पहुंच गये. शोर-शराबा करने लगे. इसके बाद बगल में अवस्थित स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के पास भीड़ जमा हो गयी. उस समय स्टेशन अधीक्षक किसी दूसरे कार्य से निकले थे. आक्रोशित भीड़ ने अधीक्षक कार्यालय के शीशे तोड़ दिये. गेट पर लगा शीशा क्षतिग्रस्त कर दिया. सूचना पर तत्क्षण एसएस नलिनी मोहन झा वहां पहुंचे. स्थिति की जानकारी ली. यात्रियों को शांत कर ट्रेन खुलवाया. मौके पर आरपीएफ थानाध्यक्ष हीरा प्रसाद सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल भी पहुंच गयी.

उल्लेखनीय है कि सीतामढ़ी की ओर से आनेवाली 55510 सवारी गाड़ी का रैक वापस 55507 नंबर से सीतामढ़ी जाती है. इसके आने का समय शाम में 5.15 निर्धारित है, जबकि रवानगी का समय शाम 6 बजे है. प्राय: नित्य यह ट्रेन यहां समय से नहीं आती. जाहिर है समय पर खुल भी नहीं पाती. दूसरी ओर इस रैक में एक ही ब्रेकवान है. परिचालन नियम के तहत इसे सबसे पीछे लगाया जाता है. लिहाजा जंकशन पर पहुंचने के बाद इसके ब्रेक को काटकर रैक के पीछे ले जाना पड़ता है. वहीं ट्रैक खाली नहीं रहने के कारण इस कार्य में और अधिक समय लग जाता है. गत शाम इसमें कुछ ज्यादा ही वक्त लग गया, जिससे यात्री आक्रोशित हो गये.

अजमेर-पुरी के बीच द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 30 से शुरू

Bilaspur Jn (BSP) बिलासपुर: रेल बजट 2013-14 में घोषित पुरी-अजमेर ट्रेन के संचालन को रेल मंत्रालय ने अपनी ओर से हरी झण्डी दे दी है. सप्ताह में दो दिन चलने वाली पुरी-अजमेर ट्रेन 20 दिसम्बर से शुरु होने जा रही है. रेलवे ने इसके लिए समय सारिणी भी घोषित कर दी है. पुरी-अजमेर के बीच द्वि-साप्ताहिक ट्रेन के संचालन के लिए रेलवे प्रशासन ने तैयारी कर ली है. 08421 पुरी-अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन 22 दिसम्बर को और 08422 अजमेर-पुरी एक्सप्रेस 25 दिसम्बर को स्पेशल ट्रेन के रुप में एक फेरा लगाएगी. इसके बाद ही यह गाड़ी जुलाई 2013 के रेलवे समय सारिणी में प्रकाशित समयानुसार 18421 पुरी-अजमेर द्वि-साप्ताहिक 30 दिसम्बर 2013 से प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को पुरी से अजमेर के लिए चलेगी. इसी तरह 18422 अजमेर-पुरी 03 जनवरी 2014 से हर शुक्रवार व मंगलवार को अजमेर से पुरी के लिए चलेगी. इस ट्रेन में 02 एसएलआर, 07 सामान्य कोच, 09 स्लीपर कोच, 03 एसी-थ्री, 01 एसी-टू पेण्ट्रीकार समेत 23 कोच के साथ चलेगी. 18421 पुरी-अजमेर द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस पुरी से सोमवार व गुरुवार को 21 बजकर 25 मिनट पर रवाना होगी, जो खुरदारोड, भुवनेश्वर, मनचेश्वर, ढेंकानाल, तालचेर रोड, अंगुल, रैराखोल, संबलपुर, बरगढ़ रोड, बलांगीर, टिटलागढ़, कांटाभांजी, खरियार रोड, महासमुन्द होते हुए रायपुर 12 बजकर 30 मिनट पर पहुंचकर  15 मिनट के बाद रवाना होगी, यह ट्रेन  दुर्ग, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, बडनेरा, अकोला, मलकापुर, भुसावल, जलगांव, अमलनेर, नंदूरबार, सूरत, बड़ोदा, अहमदाबाद, साबरमती, महेसाड़ा, पालनपुर, अबुरोड, सिरोही रोड, रानी, मारवाड़, ब्यावर होते हुए अजमेर 21 बजे पहुंचेगी. वहीं शुक्रवार और मंगलवार को अजमेर से यह ट्रेन रवाना होगी जो उसी रास्ते से होते हुए पुरी पहुंचेगी.

गोंदिया-छपरा 25 से चलेगी मुजफ्फरपुर तक
गोंदिया से छपरा के बीच चलने वाली द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन 25 दिसम्बर से मुजफ्फरपुर  सप्ताह में पांच दिनों तक चलेगी. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की बेहद मांगों को देखते हुए यह निर्णय लिया है. रेलवे प्रशासन ने 15117/15118 गोंदिया से छपरा के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को 25 दिसम्बर से मुजफ्फरपुर तक विस्तार करने का निर्णय लिया है. वर्तमान में यह गाड़ी सप्ताह में दो दिन 15117/15118 नम्बर पर चलती है. जो अग्रिम आरक्षण अवधि के कारण 5 फरवरी 2013 तक इसी नम्बर के साथ सप्ताह में 2 दिन मुजफ्फरपुर तक विस्तारित रुप में चलेगी. जबकि यह ट्रेन 25 दिसम्बर 2013 से एक गाड़ी 15231/15232 नम्बर के साथ सप्ताह में 5 दिन गोंदिया से मुजफ्फरपुर तक चलेगी. गाड़ी संख्या 15117 मुजफ्फरपुर-गोंदिया एक्सप्रेस मंगलवार और शनिवार को एवं गाड़ी संख्या 12231 मुजफ्फरपुर-गोंदिया एक्सप्रेस सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को चलेगी. इसी प्रकार गाड़ी नम्बर 15118 गोंदिया-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस बुधवार एवं शनिवार को एवं गाड़ी संख्या 15232 गोंदिया-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस सोमवार, मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार एवं रविवार को चलेगी. 7 फरवरी 2014 से इन दोनों गाड़ियों को मिलाकर 15231/15232 नम्बर के साथ गोंदिया एवं मुजफ्फरपुर के बीच इस गाड़ी का दैनिक परिचालन किया जाएगा. इस ट्रेन में 02 एसएलआर, 06 सामान्य कोच, 05 स्लीपर, 01 एसी-थ्री, 01 एसी-टू समेत कुल 16 कोच के साथ चल रही है. छपरा से मुजफ्फरपुर के बीच इस ट्रेन की समय सारिणी इस प्रकार से रहेगी. 15232/15118 गोंदिया से मुजफ्फरपुर के बीच चलने वाली दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन गोंदिया से 21 बजे रवाना होगी और छपरा 2 बजकर 20 मिनट पर पहुंचेगी. छपरा से निकलकर सोनपुर 3 बजकर 25 मिनट पर पहुंचेगी, हाजीपुर होते हुए यह ट्रेन मुजफ्फरपुर 5 बजे पहुंचेगी. इसी तरह मुजफ्फरपुर से 11 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी, जो हाजीपुर, सोनपुर होते हुए छपरा 15 बजकर 15 मिनट पर पहुंचेगी. छपरा से रवाना होकर गोंदिया 18 बजकर 50 मिनट पर पहुंचेगी.

ऑनलाइन होगी रिटायरिंग रूम की बुकिंग

Darbhanga Jn (DBG) दरभंगाः दरभंगा जंकशन पर रिटायरिंग रूम में अपनी बुकिंग कराने के लिए अब यात्रियों को पूछताछ कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना होगा. इसकी ऑनलाइन बुकिंग होगी. देश के किसी भी हिस्से से जहां यह सुविधा उपलब्ध है यात्री कमरा आरक्षित करा सकेंगे.  जंकशन पर इस नयी व्यवस्था को लागू किया जा रहा है. विभाग के अधिकारी इसमें लगे हैं. शीघ्र इसके चालू हो जाने के आसार हैं.

करानी पड़ती है बुकिंग

अब तक जंकशन पर रिटायरिंग रूम बुक कराने के लिए मैनुअल व्यवस्था है. पूछताछ कार्यालय में जाकर यात्रियों को पहले रूम खाली होने की जानकारी लेनी पड़ती है. कमरा उपलब्ध होने पर राशि जमा कर उनके नाम से रूम बुक किया जाता है.

कहीं से करा सकते बुकिंग

नयी व्यवस्था के तहत यात्री कंप्यूटर से इसकी ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं. जिस स्टेशन से बुकिंग करायेंगे, उसी स्टेशन पर उन्हें टिकट मिलेगा. राशि देकर यात्री टिकट लेंगे. यहां पहुंचने पर उन्हें टिकट दिखाने के बाद कमरा मिल जायेगा.

बाहर से आनेवालों को सुविधा

सबसे अधिक सुविधा दूर-दराज से आनेवाले यात्रियों को होगी. मालूम हो कि बाहर से आनेवाले यात्रियों को विशेषकर रात के समय ज्यादा परेशानी होती है. पूरी रात या तो कमरा के लिए बाजार में भटकना पड़ता है अथवा स्टेशन पर रात गुजारनी पड़ती है. ऐसे में यात्र से पूर्व बुकिंग करा लेने से उन्हें काफी सहूलियत मिलेगी.

आरक्षण की तरह होगी बुकिंग

ऑनलाइन बुकिंग आरक्षण की तरह होगी. कंप्यूटर में बर्थ की तरह रिटायरिंग रूम की उपलब्धता की जानकारी रहेगी.

सूत्रों के अनुसार, करेंट रिजर्वेशन की तरह कमरा खाली रहने की स्थिति में रेलवे जंकशन पर भी यात्री ऑनलाइन बुकिंग करा सकेंगे.

पीलीभीत-शाहजहांपुर मीटर गेज रेलखंड के आमान परिवर्तन के लिए मंडल से प्रस्ताव भेजने को कहा है रेलवे बोर्ड ने

Haldwani (HDW) हल्द्वानी: सब कुछ ठीक रहा तो इज्जतनगर मंडल की सभी लाइनें ब्राडगेज हो जाएंगी। रेलवे बोर्ड ने पीलीभीत-शाहजहांपुर मीटर गेज रेलखंड के आमान परिवर्तन के लिए मंडल से प्रस्ताव भेजने को कहा है। इससे काठगोदाम व लालकुआं से लखनऊ जाने वाली ट्रेनें वाया भोजीपुरा होते हुए जा सकेंगी। साथ ही इससे समय व धन की भी बचत होगी। 1 इज्जतनगर रेल मंडल के बरेली-लालकुआं, कानपुर-फरूखाबाद, कासगंज-फरूखाबाद, मथुरा कासगंज, काठगोदाम-रामपुर और काशीपुर-लालकुआं रेलखंड मीटरगेज से ब्रॉडगेज में तब्दील हो चुके हैं। बरेली-कासगंज, भोजीपुरा-टनकपुर और पीलीभीत-लखीमपुर खीरी रेलखंड को ब्रॉडगेज में बदलने की कवायद चल रही है। अब रेलवे बोर्ड ने मात्र 84.09 किमी. के पीलीभीत-शाहजहांपुर ब्रॉडगेज का प्रस्ताव मांगा है। इस गेज कन्वर्जन के लिए रेल बजट 2014-15 में प्रावधान किया जाएगा। इसके ब्रॉडगेज होने से कुमाऊं से चलने वाली ट्रेनें भोजीपुरा वाया पीलीभीत-शाहजहांपुर होकर लखनऊ जा सकेंगी। वहीं लखनऊ-कानपुर की ट्रेन भी इस रूट से यहां आ सकेंगी। इससे रेल सफर आसान होगा। इसके साथ ही रेल और यात्रियों को आर्थिक बचत भी होगी। मंडल जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह के मुताबिक ब्राडगेज का प्रस्ताव बोर्ड को भेज दिया गया है। इसके बाद मंडल की सभी लाइनें ब्राडगेज हो जाएंगी। 1बाघ व रानीखेत में कोहरे का साया1हल्द्वानी : मैदानी क्षेत्रों में छाए कोहरे ने लंबी दूरी की ट्रेनों का सफर और लंबा कर दिया है। ट्रेन घंटों विलंब से यहां पहुंच रही हैं। जिससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में भी देरी हो रही है। 1 गुरुवार को हावड़ा से आने वाली 13019 बाघ एक्सप्रेस करीब दो घंटे विलंब से पहुंची। ट्रेन को 9:30 बजे काठगोदाम पहुंचना था, लेकिन यह 11:30 बजे पहुंचीं। 15013 रानीखेत एक्सप्रेस भी भगत की कोठी से निर्धारित समय पर चलने के बावजूद दिल्ली में कोहरे के कारण करीब डेढ़ घंटे देरी से पहुंचीं। देहरादून से आने वाली 14119 काठगोदाम एक्सप्रेस 20 मिनट विलंब हुई। लंबी दूरी की ट्रेनों पर पड़ रहे कोहरे के असर को दूर करने के लिए अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं खोज सका है। 1व्हील स्लिपिंग का खतरा टला 1हल्द्वानी : लालकुआं से हल्द्वानी के बीच ट्रेनों के पहिए फिसलने का खतरा अब टल गया है। सर्वाधिक प्रभावित रहने वाली रानीखेत एक्सप्रेस एवं बाघ एक्सप्रेस ट्रेनों में हाई पावर इंजन लगने से यह समस्या हल हुई है। हालांकि दून एक्सप्रेस में अभी भी कम क्षमता का ही इंजन चलाया जा रहा है।

Gujarat’s Metro-link Express chooses SAP solutions

MEGA team is confident that SAP implementation will facilitate greater transparency and agility in the system
SAP-logo

Bangalore (SBC):  SAP AG today announced that the Metro-link Express for Gandhinagar and Ahmedabad (MEGA) has chosen SAP solutions to assist Gujarat’s metro rail run efficiently and profitably.

The deployment will enable various departments of MEGA to be connected over a unified network and facilitate smoother information flow and access. With this implementation, MEGA aims to develop a landmark metro rail project for the state of Gujarat while simultaneously catalyzing dense and orderly urban growth in the state, a SAP release said.

Growing cities like Ahmedabad will soon house the bulk of the mushrooming population in future. The rapid sprawl of population, increasing fuel consumption and the resultant pollution has made public transport imperative. The Ahmedabad – Gandhinagar metro rail project was launched with a vision to provide safe, fast and eco-friendly services at affordable rates. This project will promote pioneer integrated public transportation in the region undertaken by collaborating with Ahmedabad Municipal Transport Service (AMTS) Bus Rapid Transit System (BRTS), Railways and other modes of public transit system. Seamless connectivity, minimum land acquisition, state- of- art infrastructure, fastest implementation, least construction cost are some of the key features of the project.

Said Dr. Manjula Subramaniam, Chairman, MEGA:””Efficient urban transportation benefits people’s lives. The sector today wants the right competitive advantage as real-time business processing drives stronger outcomes and helps increase bottom lines. Through this initiative, we aim to create a benchmark in terms of taking e-governance to the next level, not only for the state of Gujarat, but also for the entire nation,” she added.

I. P. Gautam, vice-chairman, MEGA said “Leveraging advanced technology has become extremely crucial to upgrade nations transport system and eliminate bottlenecks. We are glad to partner with SAP and lay a solid foundation for an intelligent urban rail system”.

MEGA team is confident that SAP implementation will facilitate greater transparency and agility in the system and will assist them in improving operational proficiency. SAP’s partner ATOS implemented the project in 6 months. This project included deployment of various solutions from SAP such as SAP ECC, SAP BusinessObjects, SAP EHS, SAP Payroll and SAP Netweaver.

“The use of cutting-edge IT technology has become a critical approach to achieve transparency and improve efficiency across the end to end business processes”, said Shri Vijay Nehra, Chief Executive Officer, MEGA. “With SAP, we aim to accelerate the performance of operational models and comprehensively improve the decision-making efficiency thereby elevating the service level,” he added.

“Transportation sector have begun to leverage innovative technology to help them prepare for rapid urbanization and address sustainable growth,” said Mathew Thomas, Vice President – Strategic Industries, SAP India. “Through this collaboration, SAP is proud to play a part to help MEGA provide its citizen with a world class metro rail travel experience and simultaneously contribute to the socio-economic development of the society”, he added

The proposed metro project by MEGA will have, ballast-less tracks, driverless air-conditioned coaches, GPS based rail tracking system, train destination indicators & stations with support infrastructure like automated fare collection, m-ticketing, parking facilities, etc.

CONCOR to complete Rs.350 Crore Vizag Logistics Park by 2016

Visakhapatnam (VSKP), ECOR:  The Container Corporation of India Ltd. (CONCOR) is scheduled to complete the construction of its Rs.350 Crore multi-model logistics park in Visakhapatnam in the next two-and-a-half years.

The company would forge joint ventures with private parties for investment into the park, said Executive Director V. Kalyanarama.

Talking on the sidelines of Exim Conclave 2013, organised by the Confederation of Indian Industry, here, he said, “Vizag is one among the six parks where work is in progress. We are in the process of land acquisition for another nine parks. The overall investment in these parks is over Rs.6,000 crore.” he said. The logistics parks will provide infrastructure to transport cargo from rail to road and vice versa. The infrastructure includes warehousing, private freight terminals and value added services such as packaging, distribution and consolidation.

Dadri park

Concor has so far spent over Rs.750 crore on the parks under development. It is already operating a 250-acre fully-developed park in Dadri.

The corporation is also planning to develop two inland container depots in Krishnapatnam and Karimnagar shortly.

It already has four depots in the State, including two in Hyderabad.

Total freight handled in export and import trade in India is over 10 million TEUs (twenty-foot equivalent units) annually, of which Concor’s share is 2.5 million TEUs last year.

The volume handled by Concor was expected to grow by 10-12 per cent, said Mr. Kalyanarama.

Is in the process of land acquisition for another nine parks

Kochi Metro may consider RITES report

Kochi:  The next meeting of the board of directors of Kochi Metro Rail may take a call on the extension of the project to more areas, including Tripunithura, as recommended by an interim report submitted by the Rail India Technical and Economic Services (RITES).

A day after RITES submitted the report on the extension of the Kochi Metro, the report was discussed at a meeting attended by Delhi Metro Rail Corporation Principal Advisor E.Sreedharan here on Wednesday.

Kochi Metro Rail Limited (KMRL) Managing Director Elias George and representatives of RITES were also present at the meeting held at the KMRL office. Mr. Sreedharan held discussions with the RITES officials about various aspects, including the route for the second phase expansion of Kochi Metro. RITES had recommended extending the project to Tripunithura from Pettah along SN Junction in the first phase itself. The alternative alignment proposed through Gandhi Square was found unviable.

Traders down shutters demanding halt for train

Karaikal (KIK): Commercial establishments downed their shutters here at T.R. Pattinam pitching their long-stated demand for a halt station for the trains here, on Wednesday.

Led by the Thirumalai Vanigar Sangam, business establishments staged a one-day shutdown and a token hunger strike demanding a halt station at the T.R. Pattinam Railway Station. It has been a long-standing demand of the people.

It has been two years since the Karaikal line was commissioned and the newly constructed T.R. Pattinam station between Nagore and Karaikal has been put to disuse.

Tthe station has become a haven for anti-social activities. The public here had demanded that the station be made into a halt station, when passenger trains were first extended up to Karaikal. The business community, supported by Karaikal Development Committee Chairperson and MLA V.M.C. Sivakumar, staged a rally up to the railway station and sat on a day-long fast.

Special Train between Nanded-Bikaner from December 24

Nanded (NED):  South Central Railway will run two special trains between H.S. Nanded and Bikaner to clear the extra rush of passengers. Train No. 07037 will leave Nanded at 8 a.m. on December 24 (Tuesday) and arrive at Bikaner at 11.45 p.m. the next day.

On its return, No. 07038 will leave Bikaner at 8.40 p.m. on December 26 (Thursday) and reach Nanded at 12.45 p.m. the next day.

En route, these trains will stop at Purna, Parbhani, Selu, Partur, Jalna, Aurangabad, Manmad, Jalgaon, Amalner, Nandurbar, Surat, Vadodara, Anand, Nadiad, Geratpur, Ahmedabad, Palanpur, Abu Road, Sirohi Road, Falna, Rani, Marwar, Pali Marwar, Luni, Jodhpur, Gotan, Merta Road and Nagour stations.

Train to Amaravathi

The SCR will also run a biweekly special service on the Tirupati-Amaravathi route. While Train No. 12765 from Tirupati will reach Dharmabad at 7.25 a.m., Train No. 12766 from Amaravathi will stop there at 1.45 p.m.

Karnataka HC issue notice to Namma Metro contractors

Bangalore (SBC):  The Karnataka High Court on Wednesday ordered issue of notices to 13 private companies executing metro work in the city

A Division Bench comprising Chief Justice D.H. Waghela and Justice S.N. Satyanarayana passed the order after Bangalore Metro Rail Corporation Ltd (BMRCL) provided the list of major contractors.

The notices were issued as it was alleged the contractors failed to adhere to various labour laws even after the court, acting on a public interest litigation petition complaining about poor facilities provided for labourers in violation of laws, had issued several directions during past several months for protecting the interest of labourers engaged in metro work.

Punj Lloyd Ltd; URC Construction Ltd; UTD-ITD CEM Joint Venture; Ahluwalia Contractors (India) Ltd; Simplex Infrastructure Ltd; L&T Ltd (ECC Division); JMC Projects (India) Ltd; Nagarjuna Construction Co Ltd; IVRCL Ltd; JMC-ATEPL JV; Coastal-TTS JV; CEC-SOMA-CICI JV and GYT-COASTAL JV, are the contractors required to respond to the Court’s notices.

Railwaymen’s Union announces Strike Ballot to go for Indefinite Strike

headerAIRFFW1New Delhi: All India Railwaymen’s Federation (AIRF), a union of Railway employees, said that a strike ballot would be conducted among the employees of Indian Railways as a preliminary step for an indefinite strike seeking the government to accept a 36 point charter put forward by the Federation.

The secret strike ballot would be held on December 20 and 21 across the country.

According to the norms, the organisation has to go for the strike ballot before giving notice to the government for indefinite strike. At least 80% of the total employees should participate in the ballot and the union should get a nod from 66.9% to go ahead into the strike.

There are around 14.6 lakh employees in Railways and the Federation claims a strength of 11.7 lakh members.

“We have been in discussion with the government and they have so far agreed to set up the seventh pay commission and in a demand related to promotion. We are planning to ahead for the strike for the rest of the 36 demands,” said N Kanniah, working president of All India Railwaymen’s Federation and general secretary of Southern Railway Mazdoor Union (SRMU).

The outcome of the ballot will be announced on December 22 or 23, and even afrmter that if the Government of India fails to agree for implementation of the demands in full, it would conduct a meeting by February, 2014, and declare the date for commencement of All India indefinite strike, he said.

He said that if a strike takes place, it would affect the people and the economy. The Railway currently handles around two crore passengers and 14 lakh tonne of goods every day, said Union officials.

He said that the last such indefinite strike was held in 1974, and it went on for 26 days before coming to a settlement.

The charter of demands also include filling up of vacant posts, sanction additional post in tandem with the increase in the number of trains and workload, scrap new pension scheme and cover all Railwaymen with Pension and Family Pension Scheme as available to the staff appointed prior to January 1, 2004 and to provide job to the wards of the employees who opt for voluntary retirement, based on the educational qualification of their wards.

The Union demanded implementation of guaranteed pension scheme for the employees, removal of all anomalies of sixth Central Pay Commission as agreed upon in the meeting of Departmental Anomaly Committee and resolve all anomalies pending before the anomaly committees and a fixed quota for the wards of Railwaymen in all recruitments through RRBs and RRCs, similar to the quota for ex-service men.

Few takers for Railways’ Auto Freight scheme

Only Maruti Suzuki places order for 3 rakes in the last 5 months!

NEW DELHI: The Indian Railways’ automobile freight trains operator scheme has evoked a lukewarm response with just one automaker and logistics provider evincing interest five months after the launch.

Maruti Suzuki – the railways’ biggest automotive client, is the only automaker to have placed orders for rakes under the scheme. Delhi-based logistics provider APL Vascor has also signalled its intent to sign an agreement with the Railways.

Industry body Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) said its members are reviewing the new policy.

“There are a few issues. For instance, the rates proposed by the railways are not competitive for short distance movement as compared to road. Also, some type of concession to recover the investment made for purchasing the rakes would also be desirable,” said Sushil Kumar, an adviser at SIAM.

“The auto sector is in a downturn, so everybody is waiting for someone else to invest,” said a senior railway ministry official involved with the issue. “Maruti, our biggest customer – they constitute 60% of our auto traffic – is on board. APL Vascor’s licence should be finalised soon. The others are waiting and watching…a couple of Japanese companies like Nissan have approached us. It will take a year to take off at least,” the official added.

Nissan refused comment on the policy but said it is not looking at using the railways for transportation of its cars.

MM Singh, chief operating officer (production) at Maruti Suzuki, said his company has placed an order for three rakes.

“Each railway rake will have a capacity of moving around 300 cars in one go. The company plans to gradually transport more and more cars by railway rakes. Based on the experience of the initial three rakes and the business needs, we will consider inducting more rakes for transportation of our cars,” Singh said.

People close to the matter said that even Maruti has not yet signed a concession agreement as the railways is finalising it based on the new automobile freight train operator policy. “The railways are in discussions with the stakeholders and have sought their views for this. We too have shared some inputs for their consideration. We are hopeful that this will be finalised soon,” Singh said.

Experts said the discontinuation of rebates provided in the earlier policy and charges on movement of empty rakes could limit private investment in the scheme.

But the Railways seems to be in no mood to offer more relaxations. “The current rates for running automobile rakes are quite low and they have been fixed in a very transparent manner,” another railway official said. “We are charging for empty runs because we need to cover our own costs and so that the operators are forced to develop new routes. We are not looking at giving any more concessions in the policy.”

Railyatri launches Android App

RailYatri has launched a National Railyatri Alert System (NRAS)- an app that lets passengers find useful information on routes, trains and destinations at the click of a button.  With over 25 million daily railway passengers will now have useful information at their disposal, thanks to Railyatri.in for launching a National Railyatri Alert System (NRAS).  Railyatri has launched a push notifications based Android app with localized and personalized information of 5000 trains and 8000 locations in India. Users can simply visit Google Play Store from their Android mobile device and search for “RailYatri”.  Passengers need to simply log on to m.railyatri.in via their Android smartphone to get alerts. The app is currently available on Android and can be downloaded here. Check out the screen shots below.
Rail Yatri app pic 1

NCR wins 1st prize in National Energy Conservation Award 2013

Allahabad Jn (ALD):  North Central Railway has achieved a milestone by winning the first prize in National Energy Conservation Award 2013 amongst all the 17 Zonal Railways. The award has been given in recognition to North Central Railway’s adoption of numerous energy efficient technologies and measures/practices.

President of India Pranab Mukherjee presented the first prize in zonal railway category to North Central Railway which was received by NCR’s chief electrical services engineer Anupam Singhal. The prize constitutes of gold plated trophy & commendation certificate.

This prestigious award is a milestone in the history of North Central Railway. It has brought laurels and paved new ways of energy conservation. The event has motivated stake holders to adopt energy efficient technologies/ measures in their homes and workplaces.

Pointedly, energy is essential and precious commodity and plays crucial role in every sphere of life. By adopting various energy conservation methods, huge savings to the tune of 5% to 30% can be achieved in various sectors. In view of immense importance of efficient use of energy, the Centre has enacted Energy Conservation Act 2001 to provide legal frame work. Government of India, acting through ministry of power, has been making all out efforts to emphasize energy conservation.

To mark the commitment and propagate concepts of energy conservation, December 14 is observed as “National Energy Conservation Day” and Week from 09th to 14th December is being celebrated as “Energy Conservation Week”.

President of India Pranab Mukherjee, inaugurated the National Energy Conservation Award function held at Vigyan Bhavan, New Delhi recently and presented the prizes to the winners of the National Energy Conservation Award-2013 in the presence of Union minister of state for power (independent charge) Jyotiraditya M Scindia.

During the energy conservation week, various seminars and workshops were organized by electrical department in all the three divisions and workshops of NCR. Officers, supervisors & staff participated wholeheartedly with full enthusiasm & pledged their full commitment towards energy conservation.

NCR’s Allahabad Divisional Office building bags Second Price in Energy Conservation Awards

Allahabad (ALD): Allahabad divisional office building, North Central Railway at Nawab Yusuf Road bagged the second prize in National Energy Conservation Awards in ‘office building’ category. The award was received by Divisional Railway Manager of Allahabad, Harindra Rao, from the President Pranab Mukherjee in a ceremony held in Vigyan Bhavan at New Delhi. The DRM office Allahabad came second among 45 countrywide nominations; some of them were PSUs, cooperatives and private organizations.

Bureau of energy efficiency (BEE) in ministry of power, New Delhi promotes energy conservation nationwide and encourages initiatives taken in the field of energy saving across the nation and confers national awards in recognition of extraordinary efforts.

Vote of thanks was given by ADRM A K Mishra. Whereas, the first prize in the category was bagged by BSNL office building in Ernakulam, Kerala.

Senior Divisional Electrical Engineer (General) Amitabh Sharma said that this award was possible only due to massive reduction in energy consumption by DRM’s office (15.58%) in comparison to the last year. Due to a number of initiatives including switching to energy efficient and state-of-the-art T5 tubelights, installation of timers in switching off lights, in addition to adoption of new technologies like switching over to LED street lights and occupancy sensors, remote controlling of pumps through GPRS, procurement of star-rated machineries among others.

Close co-ordination between GRP & RPF vital to prevent Crime on Railways: GM/SCR

Secunderabad (SC): P.K.Srivastava, General Manager/SCR chaired a high level security review and co-ordination meeting with the Chiefs of Government Railway Police(GRP) and Railway Protection Force (RPF) at Rail Nilayam, Secunderabad, today i.e. 18th December, 2013. Bhoobathi Babu, Additional DGP (GRP)/Andhra Pradesh; Srikantappa, DIG (GRP)/Karnataka; Bhaskaran, DIG(GRP)/Tamilnadu and Shashikanth Mane, SP(GRP)/Maharashtra, represented the GRP of the respective states falling under the jurisdiction of SCR at this meeting.

1387364950691-DSC_0487.jpgK.L.Pandey, Addl. General Manager, R.Pacharwal, Chief Security Commissioner, RPF/SCR, senior officials of RPF from the adjoining Zonal Railways and Principal heads of the departments of SCR participated in this high level meet. The Divisional Railway Managers and senior Security Commissioners of RPF from all the 6 Divisions of SCR also took part in the deliberations through video – conferencing.

P.K.Srivastava, General Manager, stressed the need for close co-ordination between GRP and RPF to prevent crime and strengthen security o­n Railway premises. Mutual sharing of key information o­n intelligence, investigation, detection and modus operandi of offenders in various crimes will enable the forces to effectively crack the cases, he emphasized. He stated that priority should be given for escorting of identified vulnerable trains by GRP/RPF to ensure security of passengers. Special focus should be accorded to meet the security needs of women commuters in MMTS trains in twin cities. Towards this, he directed the officials to act very tough o­n eve teasers, trespassers and unauthorized persons at stations. There is a need to be transparent in registering the cases of all genuine complainants and the cases should be taken to their logical conclusion so as to gain the confidence of the travelling public, he averred.

1387364980682-DSC_0491.jpgBhoobathi Babu, ADGP/GRP/AP, in his address highlighted that in view of the present security scenario, access control at platforms and in trains should be given top priority so as to ensure undesirable elements are denied entry in to Railway premises. He called for stringent and effective checking of suspicious persons, luggage etc. o­n platforms and also at parking lots. A multi-pronged strategy should be followed to eliminate thefts of passenger belongings and other crimes in Railway premises, which involves spreading awareness among the passengers o­n the need to be alert during their journeys, he said.

It has been decided in the meeting that such co-ordination meetings between GRP and RPF should be held frequently at Divisional level also so as to share their experience/ inputs to tackle crimes in Railways in an efficient manner.

The meeting discussed in detail the measures to strengthen security such as registering complaints/appropriate co-ordination during investigations; joint escorting of express trains in crime prone sections; ways to weed out unauthorized persons from Railway stations; enhancing the CCTV surveillance; ensuring the identity of passengers who get reserved accommodation o­n-board the trains; curbing the menace of extortion by eunuchs and eve teasing in trains, and jointly conducting a thorough check of passengers and coaches at random etc.

Earlier, R.Pacharwal, Chief Security Commissioner, South Central Railway, detailed the present situation of crime in Railway premises and the various crime control measures being taken to prevent theft/robberies etc. in trains o­n SCR.

Railways’ helpline needs help of its own

The SMS-based complaint helpline number 8121281212 set up by the authorities provides little or no help to commuters, as the complaints aren’t addressed and in most cases, are forwarded without any action being taken

Helpline numbers are most crucial in times of emergencies. But, it seems that the new helpline set up by the railway authorities so that passengers can complain about any issue, needs help of its own. On Friday, MiD DAY’s correspondent boarded two trains one from CST and and the other from Dadar and during the journey used the number 8121281212 provided by the railways to passengers and was appalled to learn that the complaints went unheeded.

Train: 12137 Punjab Mail from CST
Time: 7.40 pm
Complaint: Lack of security and no water in the toilet
CR’s response: Once MiD DAY’s correspondent boarded the train, she sent a complaint to 8121281212. Within minutes, the reporter received a reference ID number and was asked to resend the message. Following instructions, the complaint was forwarded once again. However, this time, a message was sent saying that the complaint didn’t pertain to South Central Railway (SCR) and that it had been forwarded to Central Railway, Mumbai on 9004411111. Shocked by the reaction to the complaint, the reporter alighted from the train.

Train: 19005 Saurashtra Mail from Dadar
Time: 8.40 pm
Complaint: Lack of security and no water in the toilet
WR’s response: The same procedure was followed and a reference ID number was sent saying that the complaint had been forwarded to the Western Railway authorities at 9004490011. However, around 11 pm, the correspondent received a call from the WR control room asking if a complaint had been registered and what the nature of the complaint was. We said that the complaint had been looked into and we had alighted from the train a few hours ago.

What passengers had to say
Subhash Gupta, member of National Railway Users Consultative Committee (NRUCC), said, “This is a helpline for all passengers and this matter should be taken seriously. A helpline means providing immediate help. We should be given a number where our complaints are heard and timely aid is provided.” Umesh Jha, a regular passenger to Varanasi, said, “Our complaints should be taken seriously. Not all passengers know each and every helpline number, and a common helpline is useful to us. But what’s the use if our grievances aren’t heeded or paid attention to?

Officialspeak
Atul Rane, chief PRO for CR, said, “We don’t have a reverse feedback system for our helpline number. But, we do look into each complaint and take action after receiving a complaint.” Despite attempts, WR officials remained unavailable.

Palakkad-Pollachi Gauge Conversion works to take time

Palghat (PGT):  It is unlikely that the Palakkad-Pollachi gauge conversion work, which was started five years ago, will be completed any time soon.

This was told by Union Minister for Railways Mallikarjun Kharge to a delegation led by M.B. Rajesh, MP.

The delegation, which also had P.K. Biju, MP, and V.Chenthamarakshan, MLA, met the Union Minister in Delhi and requested him to allot the required fund to complete the gauge-conversion work.

Budget allocation

But the Union Minister told the delegation that the Ministry was short of funds to complete several ongoing projects including the gauge conversion work, Mr. Rajesh said in a statement on Tuesday.

The shortage of funds was because the government had cut down Railway’s share in the Union Budget by Rs.12,000 crore, Mr. Kharge had informed the delegation.

Mr. Rajesh said the delegation then requested the Union Minister to provide stoppages at Pattambi railway station for the Coimbatore-Mangalapuram Intercity, Ernakulam-Kannur Intercity, West Coast, and Nethravathy Express trains, and at Palakkad railway junction for the Thiruvanathapuram-Chennai Turanto Express.

‘Ministry is short of funds to complete several ongoing projects’

SR thumbs down revival and development of old Railway Station near Kerala HC

Kochi: In what can be described as a shocker, the Southern Railway derails the project to revive and develop the old railway station near the Kerala High Court.

On Tuesday, Southern Railway general manager Rakesh Misra virtually ruled out the Rs 300-crore project for a terminus on the grounds that land in possession of the railways was not sufficient.

Misra’s review came after Thiruvananthapuram railway division submitted the project to the railway board for approval and inclusion in the upcoming railway budget.

Speaking to the media after visiting the station, Misra said, “In order to develop this into a terminus, we require a minimum of two railway lines. At present, we don’t have sufficient land for two lines and the shunting neck. The project will require land acquisition, especially near the level crossing (Pachalam), as the shunting neck will go beyond the area. I don’t see any immediate future for the project.”

Misra said that though land can be purchased, it was difficult to find land. “We will need half of the road running along the railway tracks,” he said.

The shunting neck is a short length of track laid parallel to the main line for allowing trains to shunt back into a siding or rail yard without occupying the main running line. He further said that the project may also require environmental clearance which may not be easy. However, shocked railway officials here said that the project can be executed even with a single line. “The project may not be possible with a double line. But even with a single line, the project is viable and the shunting neck can be laid in the available land,” said a railway official.

Meanwhile, Ernakulam Old Railway Station Vikasana Samithi dismissed the general manager’s objection for developing the station into a terminus.

“The land available is sufficient for the project. You can operate trains on the single line and the old track is already there. If the railway drops the project, we will start a public protest demanding the station’s revival,” said samithi general convener K P Harihara Kumar. He also rejected the general manager’s claim that there was not enough land for the shunting neck.

Speaking to media after Misra’s visit, CPM leader M M Lawrence said, “The railway manager’s response was very negative. I think that he made such a statement under someone’s influence. In order to make the project a reality, elected representatives, including union minister K V Thomas and Hibi Eden MLA, should interfere in the issue.”

Southern Railway GM shoots down proposal to revive Goods Station

Proposal was to turn the station into a passenger terminus

Ernakulam Jn (ERS): Southern Railway has shot down the proposal to revive Ernakulam Goods (ERG) Station into a passenger terminus.

On Tuesday, Southern Railway General Manager Rakesh Misra visited the 39-acre site and took a look at a detailed drawing of development plans worth Rs 300 crore.

Mr.Misra said: “I wonder if the proposal to revive the station will ever materialise. Definitely not in the immediate future.”

It appears that the development plans (for which a blueprint was submitted to Railway Board by Southern Railway) cannot take off since the adjacent level crossing (at Pachalam) is too narrow and heavily built up on either side. This chicken neck prevents laying a parallel track for two-lane movement of trains. Moreover, there is inadequate space for establishing a ‘shunting neck’ for trains with 24 coaches, said Mr. Misra.

But the station has space for five platforms, three pitlines and three stabling lines, apart from plenty of vacant, unused space. Though Ernakulam Junction and Town stations are hard pressed for space, the amenities at the Goods station were never put to better use.

A single-line track from ERG station premises up to Pachalam is still intact. Foreseeing Southern Railway’s nod for the station’s revival, Thiruvananthapuram Railway Division had recently cleared mud and weeds from the tracks. Encroachments too were identified and the railway boundary demarcated.

Mr. Misra also visited the site for overbridge proposed at Pachalam. Later, he visited Ernakulam Goods Yard (coaching yard) at Kathrikadavu and probed expansion plans. At Harbour Terminus station in Wellingdon Island, he was shown steps being taken to increase storage capacity of food grains in FCI godowns.

Divisional Railway Manager Rajesh Agrawal and Ernakulam Area Manager of Southern Railway P.L. Ashok Kumar were among those who accompanied Mr. Misra.

Secret ballot on Railway Staff strike

Railway employees across the nation will go for a secret ballot on December 20 and 21 to decide on the nation-wide indefinite railway strike to press for a charter of demands including merger of entire dearness allowance with basic pay.

Addressing reporters here on Tuesday, Southern Railway Mazdoor Union zonal president C.A. Raja Sridhar said the Centre had been ignoring their demands, and hence the All India Railwaymen Federation had decided to go on an indefinite strike.

Among other things the employees demanded 20 per cent reservation for wards of railway employees.

Integrated Security System at Tiruchi Junction yet to become fully functional

Tiruchi, sixth major station in Southern Railway zone under ISS

Tiruchchirappalli Jn (TPJ):  Nine months after Tiruchirapalli Junction was brought under the scope of the Integrated Security Scheme (ISS), the system is yet to become fully functional. .

Some of the security gadgets already procured are yet to be installed, pending demonstration and training to the Railway Protection Force (RPF) personnel, while a few more are yet to be supplied by the private firm.

Encompassing four key components such as the closed circuit television system , access control, personal baggage screening system, and bomb detection and disposal system, the ISS was formally implemented at Tiruchi Junction on March 20 with the commissioning of some cameras. Tiruchi was the sixth major station in the Southern Railway zone to be brought under the scope of the ISS. .

The railway administration had conceived the system in the aftermath of the Mumbai terror attacks in November 2008 and identified major stations across the country to deploy the system. Tiruchi was one among the identified stations and funds to the tune of a little over Rs. 3 crore was allocated for the project.

Of the 67 surveillance cameras, only 46 have been fixed and active till now , say railway sources here.

A couple of under vehicle scanners already supplied are yet to be commissioned, although the spots to fix them have been identified.

Similarly, other security gadgets including couple of vapour tracers with local craft terminal, real time monitoring and bomb basket are yet to be commissioned , say sources.

The list of gadgets that remains to be supplied includes disruptor, thermal cutter and blasting machine. However, the x-ray baggage scanner and the parcel scanner were being utilised to check passenger belongings and parcels sent by trains.

RPF officials say supply of remaining surveillance cameras at the earliest would help its personnel to have a complete monitoring of the Junction where a centralised control room.

They also feel that hands-on training to its personnel by the equipment vendor would greatly benefit both the people and the administration.

“Expedite supply of remaining gadgets”

Concerned over the delay in supply of remaining equipments for ISS, the Tiruchi divisional railway authorities have written to the headquarters to expedite their supply and installation at the earliest.

In a written communiqué to the Chief Signal and Telecommunication Engineer recently, the divisional authorities said installation of remaining cameras was essential to meet the security requirement. It wanted the headquarters to advise the private firm to supply and install the remaining cameras at the earliest and also wanted the firm to impart training to 20 PRF personnel to handle the gadgets.In addition to Tiruchi, the ISS has been implemented at Thiruvananthapuram, Ernakulam, Coimbatore, Madurai, Kozhikode, Chennai Central and Chennai Egmore falling under the Southern Railway zone.

Chavan admits delay in Mumbai Metro, Monorail

NAGPUR (NGP): It looks tough for Mumbai’s Metro to roll out early next year as it is yet receive the approval of the Research Development & Standards Organization (RDSO) of the Indian Railways.

Completion of the city’s 20-km monorail will also be delayed by a year and is now expected in 2015.

Chief minister Prithviraj Chavan, in reply to a question in the winter session of the state assembly, said the process to get RDSO certification for the Metro, which was expected in September, was still on. He, however, said he expected the system to be commissioned by January.

The developer for the second phase (Charkop-Bandra-Mankhurd) expressed inability to start construction due to difficulties in getting environmental clearances, he said. There was no proposal to give a floor space index of 4 to buildings in the vicinity of Metro stations, he said.

Chavan said the monorail’s Rs 2,800-crore 11-km second phase from Wadala to Jacob Circle will take at least 18 months to complete. The metro’s commissioning has already been delayed by two years.

After lack of interest, three firms close in on Mumbai Metro bid

NAVI MUMBAI: The city’s first metro, that was supposed to be flagged off in 2014, has been delayed once again. The City and Industrial Development Corporation (CIDCO) is yet to shortlist the company which will be awarded the tender for carrying out its system work, including electrical and mechanical work.

CIDCO was set to open tenders for electrical and mechanical work for the 11-km CBD Belapur-Pendhar Metro work on October 7, but the town planning authority extended the deadline to October 30 after few firms showed interest.

After a delay of nearly two months, it is still in process of finalizing the contract for laying tracks, signaling and telecommunication work.

“We received six bidders for the system work. Of these only three have qualified. Now the process of technical evaluation is underway, after which the agency will carry out financial evaluation,” said Mohan Ninawe, chief public relations officer, CIDCO.

“Technical evaluation will be completed by December end. And then the process to evaluate financial bid will begin. Finally, after completing the administrative procedures,the contract will be awarded to the qualifying player.”

A CIDCO official said only three consortiums have expressed interest in taking up system work. “Larsen & Toubro, Ansaldo and Alstom are the three players who are in the ring to bag the tender,” the official added.

The satellite city’s first metro railway project was inaugurated by chief minister Prithviraj Chavan in May 2011. The CM then had instructed the town planning authority to complete the project within three years, before 2014.

However, Navi Mumbai residents will have to wait for the first metro ride a little longer as the project will not be completed till 2015.

According to the agency, the metro work is done in four stages – viaduct, station building development, construction of depot and last stage is system work.

Unlike Mumbai, where the metro is being built on a Public-Private-Partnership (PPP), in Navi Mumbai, the Rs 2,000 crore metro rail project is being undertaken by CIDCO. The first phase of metro is from Belapur to Pendhar and the agency plans to construct similar rail network of 106km across the satellite city in phases.

“After the existing metro work, in second phase we plan to connect the proposed Navi Mumbai airport with the metro,” another CIDCO official said.

“Over 55% of the first phase work is complete, however work for second phase, that plans to connect the airport, is yet to see any concrete development,” he added.

Railways’ cargo volume revenue up by 7.91%

New Delhi (NDRB):  An official said in a statement, the Railways have generated INR 59,069.73 crore of revenue earnings from commodity-wise freight traffic during April 1-Nov 30 this year as compared to INR 53,923.37 crore during the corresponding period previous year, registering an increase of 7.91%.

The Railways carried 677.58 million tonnes (mt) of commodity-wise cargo volume during April-November period as compared to 647.01 mt carried during the corresponding period previous year, registering an boost of 4.72%.

Of the total earnings of INR 7,880.44 crore from freight during November 2013, INR 3293.18 crore came from transporting 39.91 mt of coal, followed by INR 874.23 crore from 10.58 mt of iron ore for exports, steel plants and for other domestic user, INR 684.25 crore from 8.26 mt of cement, and INR 575.88 crore from 3.71 mt of foodgrain.

The statement said, other freight earnings were: INR 478.98 crore from 3.48 mt of petroleum oil and lubricants (POL), INR 484.82 crore from 3.23 mt of pig iron and finished steel from steel plants and other points, INR 489.75 crore from 4.39 mt of fertilizers, INR 139.91 crore from 1.36 mt of raw materials for steel plants except iron ore, INR 327.95 crore from 3.37 mt by container service, and INR 531.49 crore from 6.02 mt of other goods.

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